Sunday, 18 October 2015

शरद कालीन नवरात्रों का आरम्भ 13-10-2015



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 आज 13-10 -2015 नवरात्र का  दिन आज माँ ब्रह्मचारिणी व चंद्रघंटा का पूजन किया जाना है क्योंकि तृतीय तिथिक्षय हो गया हैं । ब्रह्रमचारिणी का स्वरूप का अर्थ हैं तप का आचरण जोकि माँ ने भगवान शंकर को पाने के लिये किया था पिछ्ले जन्म में किया था ।
आज ही तीसरा नवरात्र भी आज माँ चन्द्रघंटा का पूजन किया जाना है माँ दुर्गा के तीसरे स्वरूप को शान्तिदायक और कल्याणकारी है इस दिन माँ की आराधन करने मनुष्य के शांति व सुख प्राप्त होता हैं ।

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 आज 13-10-2015 शरद कालीन नवरात्रों का आरम्भ हुआ हैं । माँ शैलपुत्री का दिन है   का पूजन किया जाना है शैलपुत्री का स्वरूप का अर्थ हैं जोकि माँ ने भगवान शंकर को पाने के लिये किया था पिछ्ले जन्म में किया था ।माँ की शक्तियाँ अनंत हैं और इस दिन अपने मन को मूलाधार चक्र में ध्यान करना चाहिए और श्रद्धा शक्ति प्राप्त होती है । 


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