Monday, 6 November 2023

 




ॐ श्री मां दुर्गा शक्ति शरद कालीन नवरात्र शुभ प्रारम्भ 3 से 12 अक्तूबर 2024 तक रहेगा। 

सर्वस्वरूपे सवेंशे सर्वशक्तिसमन्विते। 

भयेभयस्त्राहि नो दुर्गे देवि नमोस्तु ते।। 

 ॐ नमो देव्यै महादेवायै शिवायै सततं नमनः।

 नमः प्रकृत्यै भद्रायै नियताः प्रणताः स्म ताम ।।

दिनांक 


समय 

समय  

दिनाँक 


Wednesday, 20 September 2017

21 ST. OF SEPTEMBER,2017, THE BEGININING OF THE AUTUMMNAL NAVRATRI

September 21, 2017, is celebrating the beginning of the Sharvak Navaratri Ashwin Mas Shukalpakya. On 27th September Saraswati Awal, 28 will be inaugurated on 28th September, Durga Ashtami, 29 September, Mahanavami Pujan on September 30, Vijayshashmi, Saraswati immersion.

Wednesday, 21 October 2015

नौवां नवरात्र

   
आज दिनाँक 22-10-2015 को माँ दुर्गा के नौवां नवरात्र माँ सिद्धिदात्री का दिन हैं  यह मोक्षदायनी हैं सिद्धिदात्री कहलायी हैं प्रत्येक मनुष्य को इनकी आराधना अवश्य करनी चाहिये । उनकी आराधना करके मोक्ष प्राप्त हो सके

अष्टम नवरात्र

   अष्टम नवरात्र :- आज दिनाँक 21-10-2015 को अष्टम नवरात्र इसदिन की महागौरी की पूजा जाती है| माँ दुर्गा के  स्वरूप आठवां नवरात्र  महागौरी का दिन हैं इन्होने तपस्या द्वारा महान गौरवर्ण प्राप्त किया था तथा इनका नाम महागौरी कहलायी हैं प्रत्येक मनुष्य को इनकी आराधना अवश्य करनी चाहिये । ताकि दुनियाँ के सब सुख भोग सके

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Monday, 19 October 2015

आज भगवती दुर्गा का सातवां नवरात्र

आज दिनांक 20-10-2015 का सातवां नवरात्र है इस दिन माँ कालरात्रि का पूजन किया जाता है। इनका पूजा करने से मनुष्य काल के भय मुक्त हो जाता है।

Sunday, 18 October 2015

छठे नवरात्र

आज दिनांक 19-10-2015 को माँ दुर्गा का छठा नवरात्र है इस दिन माँ दुर्गा के छठे स्वरुप माँ कात्यायनी की पुजा की जाती है माँ की उत्पत्ति ॠषि कात्यायन के घर में हुई थी तथा दुसरी कथा यह है कि जब असुर महिषासुर धरती पर देवो और मनुष्यों पर अत्याचार कर रहा था तब देवो ने भगवान विष्णु, महेश और ब्रहमा जी के पास जाकर अपने अत्याचार का बताया तो सभी देवताओं को क्रोध आ गया और उनसे एक तेज प्रगट हुआ वह एक नारी के रुप में परवतित हो गया जिससे माँ कात्यायनी का अवतार हुआ है माँ कि अराधना करने से शत्रुओं से मुक्ति मिलती है। माँ के छठे स्वरूप कात्यायनी का ध्यान करना चहिये जो कि यह देवी देवताओं की कार्य सिद्ध करने के लिये प्रकट हुई थी । इनकी पूजा करने सभी सुख मिलते हैं ।

पाँचवे नवरात्र

   आज दिनाँक 18-10-2015 को पाँचवे नवरात्र है माँ के पाँचवे स्वरूप स्कंदमाता कहते हैं यह त्रिविध तापयुक्त संसार जिनके उदर स्थित हैं । इनकी अराधना करने जीवन पाप कर्मों अन्त होता हैं । भगवान स्कन्द बालरूप में इनकी गोद में विराजते है इसलिए इनका नाम स्कंदमाता पड़ा है । जो भक्त स्कन्दमाता की भक्ति करते हैं वह मन से सँसार बन्धन मोहजाल से दूर रहते है ।

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