Wednesday, 21 October 2015

नौवां नवरात्र

   
आज दिनाँक 22-10-2015 को माँ दुर्गा के नौवां नवरात्र माँ सिद्धिदात्री का दिन हैं  यह मोक्षदायनी हैं सिद्धिदात्री कहलायी हैं प्रत्येक मनुष्य को इनकी आराधना अवश्य करनी चाहिये । उनकी आराधना करके मोक्ष प्राप्त हो सके

अष्टम नवरात्र

   अष्टम नवरात्र :- आज दिनाँक 21-10-2015 को अष्टम नवरात्र इसदिन की महागौरी की पूजा जाती है| माँ दुर्गा के  स्वरूप आठवां नवरात्र  महागौरी का दिन हैं इन्होने तपस्या द्वारा महान गौरवर्ण प्राप्त किया था तथा इनका नाम महागौरी कहलायी हैं प्रत्येक मनुष्य को इनकी आराधना अवश्य करनी चाहिये । ताकि दुनियाँ के सब सुख भोग सके

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Monday, 19 October 2015

आज भगवती दुर्गा का सातवां नवरात्र

आज दिनांक 20-10-2015 का सातवां नवरात्र है इस दिन माँ कालरात्रि का पूजन किया जाता है। इनका पूजा करने से मनुष्य काल के भय मुक्त हो जाता है।

Sunday, 18 October 2015

छठे नवरात्र

आज दिनांक 19-10-2015 को माँ दुर्गा का छठा नवरात्र है इस दिन माँ दुर्गा के छठे स्वरुप माँ कात्यायनी की पुजा की जाती है माँ की उत्पत्ति ॠषि कात्यायन के घर में हुई थी तथा दुसरी कथा यह है कि जब असुर महिषासुर धरती पर देवो और मनुष्यों पर अत्याचार कर रहा था तब देवो ने भगवान विष्णु, महेश और ब्रहमा जी के पास जाकर अपने अत्याचार का बताया तो सभी देवताओं को क्रोध आ गया और उनसे एक तेज प्रगट हुआ वह एक नारी के रुप में परवतित हो गया जिससे माँ कात्यायनी का अवतार हुआ है माँ कि अराधना करने से शत्रुओं से मुक्ति मिलती है। माँ के छठे स्वरूप कात्यायनी का ध्यान करना चहिये जो कि यह देवी देवताओं की कार्य सिद्ध करने के लिये प्रकट हुई थी । इनकी पूजा करने सभी सुख मिलते हैं ।

पाँचवे नवरात्र

   आज दिनाँक 18-10-2015 को पाँचवे नवरात्र है माँ के पाँचवे स्वरूप स्कंदमाता कहते हैं यह त्रिविध तापयुक्त संसार जिनके उदर स्थित हैं । इनकी अराधना करने जीवन पाप कर्मों अन्त होता हैं । भगवान स्कन्द बालरूप में इनकी गोद में विराजते है इसलिए इनका नाम स्कंदमाता पड़ा है । जो भक्त स्कन्दमाता की भक्ति करते हैं वह मन से सँसार बन्धन मोहजाल से दूर रहते है ।

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चौथा नवरात्र 17-10-2015

आज दिनाँक 17-10-2015 को चौथा नवरात्र है माँ के चौथे स्वरूप कूष्माण्डा कहते हैं यह त्रिविध तापयुक्त संसार जिनके उदर स्थित हैं । इनकी अराधना करने जीवन पाप कर्मों अन्त होता हैं ।

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15-10-2015 and 16-10-2015

आज दिनाकं 15 -10-2015 माँ ब्रह्मचारिणी का पूजन किया जाना है । ब्रह्रमचारिणी का स्वरूप का अर्थ हैं तप का आचरण जोकि माँ ने भगवान शंकर को पाने के लिये किया था पिछ्ले जन्म में किया था ।
आज दिनाँक 16 -10 -2015 नवरात्र भी आज माँ चन्द्रघंटा का पूजन किया जाना है माँ दुर्गा के तीसरे स्वरूप को शान्तिदायक और कल्याणकारी है इस दिन माँ की आराधन करने मनुष्य के शांति व सुख प्राप्त होता हैं ।


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शरद कालीन नवरात्रों का आरम्भ 13-10-2015



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 आज 13-10 -2015 नवरात्र का  दिन आज माँ ब्रह्मचारिणी व चंद्रघंटा का पूजन किया जाना है क्योंकि तृतीय तिथिक्षय हो गया हैं । ब्रह्रमचारिणी का स्वरूप का अर्थ हैं तप का आचरण जोकि माँ ने भगवान शंकर को पाने के लिये किया था पिछ्ले जन्म में किया था ।
आज ही तीसरा नवरात्र भी आज माँ चन्द्रघंटा का पूजन किया जाना है माँ दुर्गा के तीसरे स्वरूप को शान्तिदायक और कल्याणकारी है इस दिन माँ की आराधन करने मनुष्य के शांति व सुख प्राप्त होता हैं ।

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 आज 13-10-2015 शरद कालीन नवरात्रों का आरम्भ हुआ हैं । माँ शैलपुत्री का दिन है   का पूजन किया जाना है शैलपुत्री का स्वरूप का अर्थ हैं जोकि माँ ने भगवान शंकर को पाने के लिये किया था पिछ्ले जन्म में किया था ।माँ की शक्तियाँ अनंत हैं और इस दिन अपने मन को मूलाधार चक्र में ध्यान करना चाहिए और श्रद्धा शक्ति प्राप्त होती है । 


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Friday, 27 March 2015

नौवां नवरात्र

आज दिनाँक 28-3-2015 को माँ दुर्गा के नौवां नवरात्र माँ सिद्धिदात्री का दिन हैं  यह मोक्षदायनी हैं सिद्धिदात्री कहलायी हैं प्रत्येक मनुष्य को इनकी आराधना अवश्य करनी चाहिये । उनकी आराधना करके मोक्ष प्राप्त हो सके

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Thursday, 26 March 2015

आठवां नवरात्र

आज दिनाँक21-10-2015 को माँ दुर्गा के  स्वरूप आठवां नवरात्र  महागौरी का दिन हैं इन्होने तपस्या द्वारा महान गौरवर्ण प्राप्त किया था तथा इनका नाम महागौरी कहलायी हैं प्रत्येक मनुष्य को इनकी आराधना अवश्य करनी चाहिये । ताकि दुनियाँ के सब सुख भोग सके

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Wednesday, 25 March 2015

सातवां नवरात्र

आज दिनाँक 26-03-2015 को देवी भगवती का सातवां नवरात्र है। माँ इस स्वरूप को माँ कालरात्रि कहते हैं । असुरों का वध करने के लिये प्रकट हुई थी । मनुष्य को आराधन अवश्य करनी चाहिये ।

Tuesday, 24 March 2015

छटा नवरात्र

आज दिनाँक 25-03-2015 को छटा नवरात्र है माँ के छठे स्वरूप कात्यायनी का ध्यान करना चहिये जो कि यह देवी देवताओं की कार्य सिद्ध करने के लिये प्रकट हुई थी । इनकी पूजा करने सभी सुख मिलते हैं ।

पांचवां नवरात्र

आज दिनाँक २४-०३-२०१५ को पांचवां नवरात्र है माँ के पाँचवे स्वरूप स्कन्दमाता का ध्यान करना चहिये जो कि भगवती की शक्ति से पैदा हुए सनत्कुमार का नाम स्कन्द है इनकी पूजा करने सभी सुख मिलते हैं ।

चौथा नवरात्र

आज दिनाँक 23-3-2015 को चौथा नवरात्र है माँ के चौथे स्वरूप कूष्माण्डा कहते हैं यह त्रिविध तापयुक्त संसार जिनके उदर स्थित हैं । इनकी अराधना करने जीवन पाप कर्मों अन्त होता हैं ।


Sunday, 22 March 2015

आज तृतीय नवरात्र

 आज 4-2-2022 नवरात्र का  दिन आज माँ  चंद्रघंटा का पूजन किया जाना है क्योंकि तृतीय  हो गया हैं । ब्रह्रमचारिणी का स्वरूप का अर्थ हैं तप का आचरण जोकि माँ ने भगवान शंकर को पाने के लिये किया था पिछ्ले जन्म में किया था ।
आज ही तीसरा नवरात्र भी आज माँ चन्द्रघंटा का पूजन किया जाना है माँ दुर्गा के तीसरे स्वरूप को शान्तिदायक और कल्याणकारी है इस दिन माँ की आराधन करने मनुष्य के शांति व सुख प्राप्त होता हैं ।

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विक्रम संवत् 2072

आज 21-03-2015 को विक्रम संवत् 2072 शक संवत् 1937 आरम्भ हुआ हैं हिन्दू नव वर्ष है इसी दिन नवरात्र भी शुरू है 1 जयन्ती देवी प्रथम नवरात्र है आप सब को नव वर्ष की शुभ कामनाऐ हो ।

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